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आखिर गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर क्यों थम गए स्वर्ण शताब्दी के पहिए

शुक्लागंज। गंगाघाट स्टेशन पर अचानक रुक गई स्वर्ण शताब्दी सेंट्रल रेलवे स्टेशन से चली स्वर्ण शताब्दी को लोको पायलट ने तीन बार रोका फिर अचानक गंगा पुल के पास ट्रेन रुक गई। इससे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई और ट्रेन रुकने का कारण पता करने में जुटे रहे। कुछ देर बाद आरपीएफ और रेलवे […]

शुक्लागंज गंगाघाट स्टेशन पर अचानक रुक गई स्वर्ण शताब्दी सेंट्रल रेलवे स्टेशन से चली स्वर्ण शताब्दी को लोको पायलट ने तीन बार रोका फिर अचानक गंगा पुल के पास ट्रेन रुक गई। इससे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई और ट्रेन रुकने का कारण पता करने में जुटे रहे। कुछ देर बाद आरपीएफ और रेलवे स्टॉफ ने एक एक करके सभी कोचों के दरवाजे खुलवाए और फिर ट्रेन को रवाना किया जा सका। इस दौरान ट्रेन गंगाघाट रेलवे स्टेशन के पास करीब 18 मिनट तक खड़ी रही और लखनऊ रूट का यातायात बाधित रहा। गार्ड के साथ आरपीएफ ने की जांच

गुरुवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन से चलकर लखनऊ जा रही नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस के पहिये पर ब्रेक लगना मरे कंपनी पुल के पास से शुरू हो गया। गंगा रेलवे पुल के पास ट्रेन करीब तीन मिनट रुकी और फिर गंगाघाट स्टेशन पर ट्रेन पर 11:32 बजे पहुंची। अचानक टे्रन के रुकने के बाद हर कोच में जाकर गार्ड अभिजीत राय ने आरपीएफ के साथ जांच शुरू की तो यात्री भी सहम गए। इस बीच कानपुर से सीएनडब्ल्यू की टीम भी आ गई। स्टेशन से परिचालन कंट्रोल को मैसेज देकर घटना के बारे में बताया गया। स्मोक अलार्म बजने पर रोकी गई ट्रेन

किसी यात्री द्वारा सफर के दौरान धूमपान करने से नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस का स्मोक सेंसर अलार्म बजने लगा था। इससे ट्रेन का वैक्यूम प्रेशर तीन बार डाउन हुआ। खतरा भांपकर गार्ड ने लोको पायलट को मैसेज कर ट्रेन को रुकवा दिया। गंगाघाट स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर आरपीएफ दारोगा डीके शर्मा ने फोर्स के साथ प्रत्येक कोच में जांच शुरू की। सारे कोच के दरवाजे खोले गए तो धुआं निकलते ही अलार्म बजना बंद हो गया। प्रेशर ठीक होने के बाद ट्रेन को लखनऊ रवाना किया गया।