बाराबंकी : प्रधानमंत्री आवास योजना से लापता हुए 483 परिवार के सपने

बाराबंकी : प्रधानमंत्री आवास योजना से लापता हुए 483 परिवार के सपने
  • प्रधानमंत्री आवास योजना मे हो रही लापरवाही विभाग मे भेजे गए 483 आवेदन पत्रों का अता पता नहीं ।
  • सभासद सहित लाभार्थी परेशान।
  • नही हो रही सुनवाई।

Report By : Abu Talha 
जैदपुर बाराबंकी । प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत पात्र श्रेणी मे आने वाले भारी संख्या मे पूराने लोगो को पैसा न मिलने से आज भी पन्नी तान कर गुजारा करने पर मजबूर है। वही पूराने कर्मचारी के रिजाइन के बाद फईले गायब होने की सूचना पर लोग नयी फाइल बनाकर देने पर मजबूर है। बताते चले कि नगर पंचायत जैदपुर अभी 796 की डीपीआर मे सलमा इसरार शमा आदिल मालती विजय हसरतुल कलीम हबीबुलला शमीम सकीला आदिल मिथलेशा हलीम अययूब खुरशीद जहा शाहे आलम इफ्तिखार मोमिना अकबर शीला कमलेश अनीसा रामू सुनील जवाहर जीना दीपक जुलेखा नईम अबरार सुनीता बिरिजभान रूखसाना शरीफ हुसना अफसाना सहित भारी संख्या मे लोगो की अभी प्रथम किस्त न आने से पीडित है। यही नही लेखपाल दिनेश सिंह तथा कानून गो असुतोष सिंह द्वारा पहले कुछ लोगों के आवास न मिलने के कारण आपात्र हुये लोगों की पुनः जांच कर पात्रता सूची को भेज दिया गया फिर भी उन लोगों को प्रथम किस्त के दर्शन नही हुये। जिससे लोगों मे निराशा बनी हुई है । सुत्रो व सभासदो से जानकारी हुई कि विभाग की लापरवाही के चलते 483 आवेदन पत्रों की सुची बनाकर सभासदो ने भेजा था जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही न हुई जबकि उसके बाद की 390 की सुची बनाकर जांच हेतु कानून गो असुतोष सिंह लेखपाल दिनेश को दे दिया गया ।

बाराबंकी : प्रधानमंत्री आवास योजना से लापता हुए 483 परिवार के सपने

यही नही 573की सुची मे भारी संख्या मे अटैच मेन्ट न होने से मामला काफी पीछे होता दिखाई दे रहा है। जबकि 104, तथा 233 की डीपीआर जोकि पात्र आपात्रो को चिन्हित कर भेजी गयी उसे डूडा के अधिकारियों ने देखा तक नही। सभासद प्रतिनिधि इरसाद खुरशीद आलम शाहे आलम सहित अन्य सभासद ने बताया कस्बे मे हो रही समस्याओं को लेकर परियोजना अधिकारी से बात की करना चाहे तो फोन रिसिव नही होता है । न बात किसी प्रकार की कार्यवाई होती है। ऐसे मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सब बडी योजना हर व्यक्ति के सर के नीचे होगी छत। नही होंगे कच्चे मकान ।सबका साथ सबका विकास के सपने को पूरा करने काफी दिक्कत हो रही है। वहीं अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आज भी आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। अपनी कुरिया को उजाडकर पक्का मकान बनाने के सपनें को पूरा होते देख लोगों का चेहरा चमक रहा है मगर सैकड़ो की संख्या मे पात्रों का फाउंटेन होने के बाद भी तृतीय किस्त का पता नही जबकि भारी संख्या में तीसरे किस्त का इन्तजार कर रहे लोग आज भी दर दर की ठोकर खाने पर मजबूर है ।

Ryan Reynold
Piyush Gupta is a writer based in India. When he's not writing about apps, marketing, or tech, you can probably catch him eating ice cream.

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