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दबंगों द्वारा उदशीन आश्रम राम जानकी मंदिर की कृषि भूमि पर दबंगों का कब्जा

संवाददाता: सरफराज़ आलम सरकार भरष्टाचरियो भूमाफियाओं (land mafia) पर नकेल कसने के लिए भले ही हर सम्भव प्रयास कर रही हो पर यहाँ परिस्थितियां इसके विपरीत ही देखने को मिल रही है। ऐसा ही एक मामला लखीमपुर खीरी से निकल कर आया है जहाँ दबंगों द्वारा उदशीन आश्रम राम जानकी मंदिर की कृषि भूमि पर […]

संवाददाता: सरफराज़ आलम

सरकार भरष्टाचरियो भूमाफियाओं (land mafia) पर नकेल कसने के लिए भले ही हर सम्भव प्रयास कर रही हो पर यहाँ परिस्थितियां इसके विपरीत ही देखने को मिल रही है। ऐसा ही एक मामला लखीमपुर खीरी से निकल कर आया है जहाँ दबंगों द्वारा उदशीन आश्रम राम जानकी मंदिर की कृषि भूमि पर एक दबंग ने कब्जा कर लाखों की फ़सल को उपजा कर मलाई काट रहे हैं।तो वही पीड़ित शिकायत कर्ता जिले के उच्चधकरियों सहित मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई है बावजूद इसके प्रशासन द्वारा शासन को ग़लत आख्या भेज कर शासन को गुमराह कर रहे है और पीड़ित न्याय के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

लखीमपुर खीरी: मामला शहर में स्थित उदासीन आश्रम ठाकुरद्वारा राम जानकी मंदिर की खेती की जमीन थाना फूलबेहड़ के ग्राम तेतारपुर में स्थित है। उदासीन आश्रम ठाकुरद्वारा राम जानकी मंदिर के सर्वराकार संजय गुप्ता है।जो कि राजस्व के अभिलेखों में दर्ज है। प्रमुख सर्वराकार संजय गुप्ता ने बताया उक्त कृषि भूमि को विशंभर पुत्र बाबू राम को कृषि कार्य के लिए लिखा पढ़ी कर मात्र दो साल के ठेके पर दिया था किन्तु कुछ समय बाद जो खेत के ठेके क पैसा विपक्षीसे विशम्भर दयाल ने देने से मना कर दिया और विवाद खड़ा कर उस भूमि पर कब्जा कर लिया है।

पीड़ित संजय गुप्ता ने विवश होकर कई अनेकों पत्र देने के बाद थाना फूलबेहड़ पुलिस द्वारा विपक्षी विशम्भर दयाल फैसला कर सुला किया गया कि उक्त भूमि पर विपक्षी उपरोक्त वर्जित भूमि व फसल पर कई वास्ता नहीं है।जोकि सौ रूपये के स्टाम्प पर दोनों की सहमति से लिखा पढ़ी भी हुई उसके बावजूद भी विपक्षी अपनी दबंगाई के दम पर कई सालों से उक्त भूमि पर फसल को उपजा और काट रहा है।

पीड़ित संजय गुप्ता ने अनेकों प्रार्थना पत्र जनपद के अधिकारियों को देकर न्याय की गुहार लगाई पर नतीजा शून्य ही निकल कर आया आखिर में विवश होकर पीड़ित के मुख्यमंत्री के पटल पर शिकायत दर्ज कराई पर नतीजा ढाक के तीन पात से ज्यादा कुछ नही निकल कर आया

पीड़ित संजय गुप्ता ने बताया की यहाँ का प्रशसन शासन को फर्जी रिपोर्ट भेज कर गुमराह करता है और सिर्फ कागजों पर करवाई करते हुए आख्या लगा दी गई जो इस प्रकार है। लेखपाल आदेशानुसार प्रार्थी को अवगत करा दिया गया है कि 18-1-18 को सछम अधिकारी व पुलिस बल की उपस्थिति में कब्जा दिलवाया जाएगा आख्या के प्रेषित होने के बाद समय आने पीड़ित को बहाना बनाकर टाल दिया गया जब से आज तक उक्त जमीन पीड़ित को नहीं मिल पाई है पीड़ित अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। और विपक्षी विशम्भर दयाल उदासीन आश्रम की भूमि पर विपक्षी विसंभर दयाल कब्जा कर कृषि कार्य कर रहा है और जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मिल पाएगा पीड़ित को न्याय?