Latest News Kanpur: 32 साल पहले पाकिस्तान से भारत आया परिवार, पहचान छिपाई, घर भी बना लिया और मिल गई सरकारी नौकरी , अब कोर्ट ने लिया संज्ञान Weekly lockdown: यूपी में संडे को वीकली लॉकडाउन, कोरोना पर योगी के 10 बड़े निर्देश घर जाने का इंतजार कर रहे प्रवासियों के लिए राहत भरी की खबर… ये हैं देश के सबसे प्रतिष्ठित साइबर वॉरियर, जानें CQ-100 में कौन-कौन हैं शामिल योगी सरकार का ‘आगरा मॉडल’ हुआ ध्वस्त,मेरठ और कानपुर भी आगरा बनने की राह पर: अजय कुमार लल्लू
Home / देवाधिदेव श्री 1008 चिन्तामणि पार्श्वनाथ भगवान मोक्ष कल्याणक महोत्सव का हुआ आयोजन

देवाधिदेव श्री 1008 चिन्तामणि पार्श्वनाथ भगवान मोक्ष कल्याणक महोत्सव का हुआ आयोजन

The Republic India: तहसील फतेहपुर में सिद्ध क्षेत्र श्री सम्मेद शिखर रचना पर परम पूज्य गुरुदेव 108 श्री विरागसागर जी महाराज  के आशीर्वाद से उनकी परम प्रभाविका शिष्या परम पूज्य श्रमणी आर्यिका श्री 105 विविक्तश्री माताजी एवं परम पूज्य श्रमणी आर्यिका 105 श्री विजिगीषाश्री माताजी के सानिध्य में मनाया गया. देवाधिदेव श्री 1008 चिन्तामणि पार्श्वनाथ […]

The Republic India: तहसील फतेहपुर में सिद्ध क्षेत्र श्री सम्मेद शिखर रचना पर परम पूज्य गुरुदेव 108 श्री विरागसागर जी महाराज  के आशीर्वाद से उनकी परम प्रभाविका शिष्या परम पूज्य श्रमणी आर्यिका श्री 105 विविक्तश्री माताजी एवं परम पूज्य श्रमणी आर्यिका 105 श्री विजिगीषाश्री माताजी के सानिध्य में मनाया गया. देवाधिदेव श्री 1008 चिन्तामणि पार्श्वनाथ भगवान मोक्ष कल्याणक महोत्सव।
जिसमे बड़े धूम-धाम से गाजे बाजे के साथ श्री जी का अभिषेक पूजन किया गया तथा झारखंड प्रदेश स्थित भगवान की मोक्ष स्थली श्री सम्मेद शिखर की बहुत ही सुंदर प्रतिकृति का यहाँ निर्माण किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने निर्वाण लड्डू चढ़ाया।
प्रातःकाल भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन किया गया.  इसके पश्चात एक धर्मसभा का आयोजन किया गया. सभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य गुरुदेव 108 श्री विरागसागर जी महाराज  की शिष्या परम पूज्य श्रमणी आर्यिका श्री 105 विविक्तश्री माताजी एवं परम पूज्य श्रमणी आर्यिका 105 श्री विजिगीषाश्री माताजी ने देवाधिदेव श्री 1008 चिन्तामणि पार्श्वनाथ भगवान के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला उन्होंने कमढ़ द्वारा भगवान पर किये गए उपसर्गो सहित विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन मे समता को धारण किये बिना हम अपनी आत्मा का कल्याण नही कर सकते. 

सभा मे बाराबंकी से पधारे महावीर प्रसाद गंगवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किये तथा 26 किलो का निर्वाण लाडू चढाने का सौभाग्य व शांतिधारा करने का सौभाग्य मुन्नालाल जी जैन मंदिर वालो के परिवार को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में बाराबंकी जैन समाज के अध्यक्ष कमलेश जैन, जितेंद्र जैन, समाजसेवी के.के. जैन, विजय जैन, आशीष जैन, नेमकुमार जैन, रजत जैन, शुभम जैन, प्रांशु जैन, सचिन जैन, इंद्रकुमार जैन, संजय जैन, सिद्धार्थ जैन सहित महिलाओं व बच्चो ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।