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लखीमपुर के चर्चित सोनम हत्याकांड के फैसले से असंतुष्ट परिजन

संवाददाता- सरफराज़ आलम। लखीमपुर के चर्चित सोनम हत्याकांड में कल जैसे ही कोर्ट ने फैसला सुनाया वैसे ही लखीमपुर जनपद के निघासन में सोनम के पिता के आखो में आँसुओं की धारा बह निकली। सूत्रों के मुताबिक़ कोर्ट के फैसले से पिता खुश तो है लेकिन सन्तुष्ट नही । उनका कहना है सोनम के हत्यारो […]

संवाददाता- सरफराज़ आलम।

लखीमपुर के चर्चित सोनम हत्याकांड में कल जैसे ही कोर्ट ने फैसला सुनाया वैसे ही लखीमपुर जनपद के निघासन में सोनम के पिता के आखो में आँसुओं की धारा बह निकली। सूत्रों के मुताबिक़ कोर्ट के फैसले से पिता खुश तो है लेकिन सन्तुष्ट नही । उनका कहना है सोनम के हत्यारो को और कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी जब ही सोनम की आत्मा को शांति मिलेगी ।


आपको बताते चले की कोर्ट द्वारा दो आरोपियों को बरी कर दिया गया है जिससे के परिवार वाले असंतुष्ट दिखाई पड़े। उनका कहना है की किस आधार पर दो आरोपियों को बरी करा गया? कल लखनऊ में सोनम हत्याकांड में दोषी पाये गए दो आरोपियों में से कांस्टेबल अतीक अहमद को उम्रकैद के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना एवं तत्कालीन सीओ इनायत उल्लाह को पांच साल की सज़ा और 50 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है।

आपको बताते चलें की ये फैसला सीबीआई के विशेष जज प्रदीप सिंह ने सभी सुबूतों को मद्देनज़र रखते हुए दिया। हालाँकि फैसला आने में लगभग 11 साल का समय लग गया लेकिन देर आये दुरुस्त आये वाली कहावत यहाँ चिरतार्थ साबित हो रही। मालुम हो की 10 जून 2011 को नाबालिग सोनम की हत्त्या हुई थी। सोनम का शव निघासन थाना परिसर में ही एक पेड़ की डाल से लटकता हुआ मिला था।

उस समय प्रदेश में मायावती सरकार थी सोनम हत्याकांड के बाद दिल्ली से लेकर लखनऊ तक के बड़े-बड़े नेता स्वम घटना स्थल पहुचे थे।