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बुढ़वा मंगल के दौरान शुक्लागंज में धनुषभंग में नामचीन कालाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति

Report By: Ankit Kushwaha शुक्लागंज उन्नाव | श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पोनी रोड तिराहा पर बुढ़वा मंगल के दौरान मंगलवार को विशान धनुष भंग का आयोजन हुआ। जो बुधवार सुबह तक चला। धनुष भंग समाप्त होने के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धनुषभंग में नामचीन कालाकारों ने शानदार प्रस्तुति की। मंचन को देखकर […]

Report By: Ankit Kushwaha

शुक्लागंज उन्नाव | श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पोनी रोड तिराहा पर बुढ़वा मंगल के दौरान मंगलवार को विशान धनुष भंग का आयोजन हुआ। जो बुधवार सुबह तक चला। धनुष भंग समाप्त होने के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धनुषभंग में नामचीन कालाकारों ने शानदार प्रस्तुति की। मंचन को देखकर आए हुए दर्शओं ने भरपूर आनंद उठाया।


संकट मोचन धाम में धुनष भंग के दौरान जैसे ही शिवधनुष टूटने के साथ सीता स्वयंवर की खबर मिलने पर परशुराम जनकपुरी में स्वयंवर स्थान पर आ जाते है। हाथ में फरसा लिए क्रोधित हो धनुष तोड़ने वाले को सामने आने, सहस्त्रबाहु की तरह दडिंत होने और न आने पर वहाँ उपस्थित सभी राजाओं को मारे जाने की धमकी देते हैं।

उनके क्रोध को शांत करने के लिए राम आगे बढ़कर कहते हैं कि धनुष-भंग करने का बड़ा काम उनका कोई दास ही कर सकता है। परशुराम इस पर और क्रोधित होते हैं कि दास होकर भी उसने शिवधनुष को क्यों तोड़ा। यह तो दास के उपयुक्त काम नहीं है। लक्ष्मण परशुराम को यह कहकर और क्रोधित कर देते हैं कि बचपन में शिवधनुष जैसे छोटे कितने ही धनुषों को उन्होंने तोड़ा, तब वे मना करने क्यो नहीं आए आरै अब जब पुराना आरै कमजाोर धनुष् श्रीराम के हाथों में आते ही टूट गया तो क्यों क्रोधित हो रहे हैं।

परशुराम जब अपनी ताकत से ध्रती को कई बार क्षत्रियों से हीन करके ब्राह्मणों को दान देने और गर्भस्थ शिशुओं तक के नाश करने की बात बताते हैं तो लक्ष्मण उन पर शूरवीरों से पाला न पड़े जाने का व्यंग्य करते हैं। तब सारी सभा में हाहाकार मच जाता है आरै तब श्रीराम अपनी मधुर वाणी से परशुराम की क्रोध रूपी अग्नि को शांत करने का प्रयास करते हैं। जिसके बाद लक्ष्मण ने परशुराम से करतल बान धनुष अति सोहा, देखत रूप चराचर मोहा, जिन्ह बीथिन्ह बिहरहिं सब भाई। थकित होहिं सब लोग लुगाई। इस मौके पर विशाल गुप्ता, अर्जुन साहू, विशाल साहू, सोनू साहू, चूल्लू गुप्ता, प्रवेश सिंह, राम सिंह रामआसरे आदि लोग मौजूद रहे।