दुश्मनों का कलेजा सूखा, काल बनकर समुद्र में उत्तरी खंडेरी

नई दिल्ली : भारत की स्कॉर्पीन वर्ग की दूसरी सबसे अत्याधुनिक पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो गई है। ‘साइलंट किलर’ कही जाने वाली आईएनएस खंडेरी पानी में दुश्मन पर सबसे पहले प्रहार करने वाली कलवरी श्रेणी की दूसरी डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है। इसके बेड़े में शामिल होने से समंदर में नौसेना को नई ताकत मिल गई है। 300 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के जहाज को नष्ट करने की क्षमता रखने वाली आईएनएस खंडेरी शत्रुओं के लिए काल है।

क्या होती है स्कॉर्पीन पनडुब्बी

स्कॉर्पीन वर्ग की पनडुब्बी में रेडार से बच निकलने और अन्य युद्ध संबंधी क्षमताएं होती हैं। यह पानी के भीतर रहते या सतह पर रहते हुए टॉरपीडो (एक प्रकार का हथियार) और ट्यूब से लॉन्च होने वाली जहाजरोधी मिसाइल से हमले कर सकती है। सबसे पहले स्कॉर्पीन वर्ग की पनडुब्बी आईएनएस कलवरी थी। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2017 में नौसेना को सौंपा था।

45 दिन पानी में रहने में सक्षम

खंडेरी भारतीय समुद्री सीमा की सुरक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है। अत्याधुनिक तकनीक से लैश खंडेरी में टॉरपीडो और ऐंटिशिप मिसाइलें तैनात की जाएंगी। ये पानी से पानी और पानी से किसी भी युद्धपोत को ध्वस्त करने की क्षमता रखती हैं। खंडेरी पानी के भीतर 45 दिनों तक रह सकती है। इसी के साथ देश में निर्मित यह पनडुब्बी एक घंटे में 35 किलोमीटर की दूरी आसानी से तय कर सकती है। 67 मीटर लंबी, 6.2 मीटर चौड़ी और 12.3 मीटर की ऊंचाई वाली पनडुब्बी का कुल वजन 1550 टन है। इसमें 36 से अधिक नौसैनिक रह सकते हैं। दुश्मन सेना के छक्के छुड़ाने की ताकत रखने वाली खंडेरी सागर में 300 मीटर की गहराई तक जा सकती है। कोई भी रेडार इसका पता नहीं लगा सकता है।

विश्व की सबसे शांत पनडुब्बी

रेडार, सोनार, इंजन समेत इसमें छोटे बड़े 1000 से अधिक उपकरण लगे हुए हैं। इसके बावजूद बगैर आवाज किए यह पानी में चलने वाली विश्व की सबसे शांत पनडुब्बियों में से एक है। इस वजह से रेडार आसानी से इसका पता नहीं लगा सकते हैं। इसीलिए इसे ‘साइलंट किलर’ भी कहते हैं।

शिवाजी महाराज के दुर्ग पर नामकरण

खंडेरी का नाम महान मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के खंडेरी दुर्ग के नाम पर रखा गया है। इस दुर्ग या किले की खासियत यह थी कि यह एक जल दुर्ग था मतलब चारों और पानी से घिरा हुआ इसलिए दुश्‍मन के लिए अभेद्य था।

खासियत-

लंबाई: 67 मीटर

चौड़ी: 6.2 मीटर

ऊंचाई: 12.3 मीटर

कुल वजन: 1550 टन

रफ्तार: 35 किमी प्रति घंटा

बैटरी: 360

केबल: 60 किमी

एक बार में 12 हजार किमी का सफर

76 Post Views

alok singh jadaun

Journalist

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बाराबंकी : नहर में बह रही देशी व अंग्रेजी विश्की शराब

Sat Sep 28 , 2019
नहर में मिली शराब बना चर्चा का विषय। भारी मात्रा में मिली कई ब्राण्ड की शराब। भारीसंख्या में मिली देशी व अंग्रेजी विश्की सहित शराब के कई ब्राण्ड। हरियाणा की शराब मिलने से मचा क्षेत्र में हड़कम्प प्रसासन हलकान। जैदपुर बाराबंकी। स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम इंधौलिया के लोग शुक्रवार […]

Breaking News

The Republic India News Group Websites:

Hindi News     English News    Corporate Wesbite    

Social Media

                        

ABOUT US     FEEDBACK    CAREERS    OUR HAND    REPORTERS    ADVERTISE WITH US    SITE MAP    DISCLAIMER    CONTACT US    PRIVACY POLICY EDITORS