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14 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहेंगे देश के पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम

INX मीडिया केस में राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई 5 सितंबर को खत्म हो रही है CBI हिरासत CBI की मांग- चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजें नई दिल्ली। INX मीडिया केस में गुरुवार को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई. गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को […]

  • INX मीडिया केस में राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई
  • 5 सितंबर को खत्म हो रही है CBI हिरासत
  • CBI की मांग- चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजें

नई दिल्ली INX मीडिया केस में गुरुवार को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई. गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की, हालांकि पी. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने इसका विरोध किया. कपिल सिब्बल ने अदालत में कहा कि सीबीआई को बताना होगा कि पी. चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजना क्यों जरूरी है?

चिदंबरम मामले पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. 30 मिनट के भीतर कोर्ट आदेश सुना सकती है. कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि आज तक एविडेंस के साथ छेड़छाड़ का कोई आरोप नहीं लगा है. आरोपी के खिलाफ डॉक्यूमेंट का ये पूरा केस है. ऐसे में आरोपी को जमानत दे दी जाए.  वहीं सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि यह मामला चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से जुड़ा है. कोर्ट ही बेल याचिका पर फैसला करेगी. अगला कदम भी उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का ही होना चाहिए.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कपिल सिब्बल की दलील पर विरोध जताया. उन्होंने कहा कि जब तक बेल याचिका पर सुनवाई नहीं होती, बहस गैरजरूरी है. कपिल सिब्बल ने कहा कि न्यायिक हिरासत के लिए रिमांड के लिए न्याय होना चहिए. रिमांड का ऑर्डर तथ्यों के आधार पर ही दिया जाना चाहिए. सिब्बल ने कहा कि सभी याचिका पर ठीक तरीके से सीबीआई की याचिका पर गौर फरमाया जाए.