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उन्नाव के लाल आशीष ने किया हर मैदान फतेह, रे बंदया, हर मैदान फतेह

शुक्लागंज (उन्नाव)। हाड़कंपा देने वाली भीषण ठंड और बर्फीली हवाओ को मात देकर उन्नाव के कर्मी बिजलामऊ निवासी आशीष दीक्षित ने लेह लद्दाख की 6153 मीटर ऊंची कांगड़ी पीक पर तिरंगा और उत्तर प्रदेश पुलिस का झंडा फहराकर नगर जिले व प्रदेश का नाम रौशन कर दिया है. आरक्षी पद पर तैनात हैं आशीष आशीष […]

शुक्लागंज (उन्नाव)। हाड़कंपा देने वाली भीषण ठंड और बर्फीली हवाओ को मात देकर उन्नाव के कर्मी बिजलामऊ निवासी आशीष दीक्षित ने लेह लद्दाख की 6153 मीटर ऊंची कांगड़ी पीक पर तिरंगा और उत्तर प्रदेश पुलिस का झंडा फहराकर नगर जिले व प्रदेश का नाम रौशन कर दिया है.

आरक्षी पद पर तैनात हैं आशीष

आशीष उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर तैनात है. जो वर्तमान में ए टी एस में कार्यरत है. आशीष 6153 मीटर ऊंची चोटी पर चढ़ने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के पहले जवान हैं. आशीष ने बताया कि पाँच दिन के कठिन सफर में कई बार ऐसी स्थित बन गई कि उन्हें अपने पांव पीछे करने पड़े लेकिन कठिन स्थितियों के बावजूद बुलंद हौसले से उन्होंने हार नहीं मानी और सफलता को उनके कदम चूमने ही पड़े.

जवाहर पर्वतारोहण से सीखा पर्वतारोहण

आशीष ने पर्वतारोहण का प्रशिक्षण जवाहर पर्वतारोहण संस्थान जम्बू कश्मीर से किया है।पर्वतारोहण की प्रेरणा उन्हें आई0पी0एस0 श्रीमती अर्पणा कुमार से मिली. जो विश्व की सातो ऊँची पर्वत चोटियों को फतह कर चुकी है. स्टोक कांगड़ी पीक लद्दाख से करीब 6153 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है. इतनी ऊंचाई पर अपने देश का झंडा फहराना गर्व की बात है. मेरे लिए यह एक सपने के साकार होने जैसा है. आशीष ने बताया कि स्टोक कांगड़ी तक पहुचने के लिए दिन रात की चढ़ाई करनी पड़ी भारी बारिश बर्फवारी और भीषण ठंड का सामना भी करना पड़ा. लेकिन हमारा लक्ष्य था कि जल्द से जल्द स्टोक कांगड़ी पर तिरंगा लहराना. इसके लिए पूरी तैयारी बेस कैंप से ही कर ली थी. आशीष दीक्षित अपने पिता स्व0 अवधेश दीक्षित के 3 पुत्रों और एक पुत्री में सबसे बड़े है. आशीष से छोटा भाई वायुसेना में वायु सैनिक के पद पर तैनात होकर देश की रक्षा में योगदान दे रहा है. सबसे छोटा भाई नेशनल डिफेंस एकेडमी में तैयारी कर रहा है. आशीष के पिता का सपना था कि उनके तीनो बेटे देश की सेवा में हिस्सा ले. आशीष ने कहा कि सन 2020 – 2021तक माउंट एवरेस्ट फतह करने का उनका लक्ष्य है.