मैडम ऊपर से ऑर्डर है, हम आपको आगे नहीं जाने देंगे

TRI DESK: सोनभद्र नरसंहार मामले ने तीसरे दिन शुक्रवार को तब बड़ा रूप ले लिया जब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा अचानक पीडि़तों से मिलने पहुंच गईं। यह जानकारी होते ही आननफानन सोनभद्र के डीएम ने उभ्भा गांव और आसपास धारा 144 लागू दी। वाराणसी से सोनभद्र जा रहीं प्रियंका को मीरजापुर पुलिस ने अपनी सीमा में नारायनपुर पहुंचते ही रोक दिया।

कांग्रेसियों के साथ प्रियंका वहीं सड़क पर धरना देने लगीं तो उन्हें हिरासत में लेकर चुनार किला स्थित गेस्ट हाउस ले जाया गया। प्रियंका पीड़ितों से मिलने पर अड़ी हैं और उन्होंने गेस्ट हाउस में ही डेरा डाल दिया है। शाम तक पुलिस ने प्रियंका सहित 10 पर शांति भंग की आशंका में धारा 151 व 107/16 में गिरफ्तार किया। प्रियंका ने मीडिया से कहा कि यूपी में नरसंहार हो रहा है और सोनभद्र में निर्दोष लोगों को मारा गया। अधिकार मांग रहे लोगों पर गोली चलाई गई। मैं पीड़ितों से मिलकर ही रहूंगी।

बुधवार को सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के गांव उभ्भा में जमीन कब्जा करने गए प्रधान सहित 300 लोगों ने वहां काबिज ग्रामीणों पर हमला कर दिया था, जिसमें दस ग्रामीणों की मौत हो गई थी, जबकि 28 घायल हुए थे। इसी प्रकरण में प्रियंका वाड्रा शुक्रवार की सुबह 10 बजे अचानक वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचीं। वहां से वे सीधे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर गईं, जहां भर्ती सोनभद्र नरसंहार के घायलों का हाल जाना। ट्रामा सेंटर से प्रियंका का काफिला वाया मीरजापुर सोनभद्र के लिए रवाना हुआ।

मीरजापुर में प्रवेश करते ही पुलिस प्रशासन ने प्रियंका का काफिला रोक दिया। वहां अफसरों से हल्की नोकझोंक के बाद कांग्रेस महासचिव समर्थकों संग सड़क पर बैठ धरना शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे बाद एसडीएम ने उन्हें हिरासत में ले लिया और अपनी गाड़ी में बिठाकर चुनार गेस्ट हाऊस ले गए। चुनार किला पहुंचने पर प्रियंका सहित पूर्व विधायक द्वय अजय राय व ललितेशपति त्रिपाठी सहित सभी कांग्रेसी धरने पर बैठ गए। बाद में गेस्ट हाऊस में पहुंचने पर डीएम व एसपी ने उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रियंका सोनभद्र जाने पर अड़ी रहीं। देर शाम तक प्रियंका वापस होने के लिए तैयार नहीं हुईं।

प्रशासन जहां उन्हें सोनभद्र जाने से रोकने पर अड़ा रहा वहीं प्रियंका भी पीड़ित परिवार से मिलने पर आमादा रहीं। यही कारण रहा कि जिला प्रशासन व प्रियंका के बीच कई दौर की वार्ता बेनजीता साबित हुई। रात करीब आठ बजे राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया भी पहुंचे, जिसके बाद प्रियंका के यहीं रात रुकने की बात की गई।

‘ऊपर से ऑर्डर है’

इस बीच प्रियंका ने कई ट्वीट किये जिसमें उन्होंने लिखा…उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है। प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है’

आगे ट्वीट में वह लिखती हैं…मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूं। जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी। उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है। मगर इसके बावजूद उप्र सरकार ने यह तमाशा किया हुआ है।

जनता सब देख रही है। मैं इस संदर्भ में जमानत को अनैतिक मानती हूं और इसे देने को तैयार नहीं हूं। मेरी साफ मांग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाए। सरकार को जो उचित लगे वह करे। अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं।

मैं पीड़ितों से मिलने आई हूं, मिलकर ही रहूंगी

चुनार किले में गेस्ट हाउस के गेट के बाहार भी कुछ देर के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा धरने पर बैठ गईं और कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच उन्‍होंने कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। प्रियंका ने अपने संबोधन में कहा कि ”मेरी गिरफ्तारी का कोई भी कागज प्रशासन नहीं दिखा रहा है। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। अधिकार मांग रहे लोगों पर हमला किया गया, गाेली चलाई गई। सोनभद्र में हुई जमीनी विवाद में हत्या में मारे गए लोगों के परिजनों से मुझे मिलने नहीं दिया जा रहा है।

मीरजापुर की सीमा में नरायनपुर के पास गिरफ्तार कर चुनार किला लाया गया है। यहां से चाहे मुझे कहीं भी ले जाया जाय परन्तु मैं पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाऊंगी। सोनभद्र में धारा 144 लगने की स्थिति में मैं तीन लोगों के साथ परिजनों से मिलने वहां जाऊंगी जिससे धारा 144 का उल्लंघन न हो सके। उन्होंने कहा कि जिस तरह सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र में जमीनी विवाद में नर संहार किया गया उसकी कांग्रेस भर्त्सना करती है। नरसंहार में जिनकी भी मौत हुई है उनके परिजनों के पुनर्वास की व्यवस्था के साथ मुआवजा राज्य सरकार दे।”

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The Republic India

alok singh jadaun

Journalist

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