मेरे प्रभु मुझे कभी इतनी ऊंचाई मत देना की गैरो को गले ना लगा सकूं इतनी रुखाई कभी मत देना

मेरे प्रभु मुझे कभी इतनी ऊंचाई मत देना की गैरो को गले ना लगा सकूं इतनी रुखाई कभी मत देना

रिपब्लिक डेस्क भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य, भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की आज पहली पुण्यतिथि है. एक साल पहले आज ही के दिन यानी 16 अगस्त, 2018 को भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. 

आज भारत रत्न श्रद्धेय स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी का प्रथम पुण्यतिथि है
आज उनके ही पुण्यतिथि पर उनकी कुछ पंक्तियां पेश कर उन्हें श्रंद्धांजलि अर्पित कर रहे है

श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी भारतीय लोकतंत्र की उत्कृष्टतम परम्पराओ के पूज्य प्रेरणा थे देश के मानवतावादी युग्दृष्ट नेता सह्रदय और ओजस्वी वाणी प्रखर वक्ता श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की कुछ पंक्तियां…..!

ऊंचे पहाड़ो पर पेड़ नहीं लगते कभी पौधे नही उगते न ही घास जमती है
जमती है तो सिर्फ बर्फ जो मौत की तरह ठंडी और कफ़न की तरह सफेद होती है ! जिसके आलिंगन में हस्ती खिलखिलाती नदी बूंद- बूंद रोती है !

ऐसी ऊंचाई जिसका परस पानी को पत्थर कर दे
ऐसी ऊंचाई जिसका दरस मन में लघुता भर दे
आदर के अधिकारी है
आरोहियों के लिए आमंत्रण है
उस पर झंडे गाड़े जा सकते है किन्तु कोई गोरैया वहा नीव नही बना सकती हैं न कोई हारा थका बटोही उसकी छांव में पल भर पलक झपका सकता है
सच्चाई ये है कि केवल ऊँचा होना ही काफी नही है
सबसे अलग ढलग
परिवेश से प्रथक
अपनो से कटा बटा शून्य में एकाकी खड़ा होना पहाड़ की महानता नही मजबूरी है
उचाई और गहराई में आकाश- पाताल की दूरी है
जो जितना ऊँचा होता है वो उतना ही अकेला होता है
हर भार को स्वयं ही ढोता है
चेहरे पर मुस्काने चिपका कर मन ही मन रोता है
जरूरी ये है कि उचाई के साथ विस्तार भी हो जिससे मनुष्य ठूंठ सा खड़ा ना हो…!
औरो से घुले मिले किसी को साथ ले किसी के संग चले..
भीड़ में खो जाना यादों में डूब जाना स्वयं को भूल जाना अस्तित्व को अर्थ जीवन को सुगंध देता है

धरती को बौनों की नही ऊंचे कद की इंसानो की जरूरत है
इतने ऊंचे की आकाश को छू ले नए नक्षत्रो में प्रतिभा के बीज बो ले
किन्तु इतने ऊंचे भी नही
की पाव तले दूब ही ना जमे कोई काटा न चुभे कोई कली न खिले
ना बसंत हो ना पतझड़ब केवल उचाई का अन्धव सिर्फ अकेले पन का सन्नाटा
मेरे प्रभु मुझे कभी इतनी ऊंचाई मत देना की गैरो को गले ना लगा सकूं इतनी रुखाई कभी मत देना।

विनम्र श्रद्धांजलि
भारत रत्न श्रद्धेय स्व श्री अटल बिहारी वाजपेई जी 

~मोनी मिश्रा (social blogger)

Ryan Reynold
Piyush Gupta is a writer based in India. When he's not writing about apps, marketing, or tech, you can probably catch him eating ice cream.

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