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मीरजापुर के नमक-रोटी मामले में जिम्मेदार जांच दायरे से बाहर, जानें अब कौन गया जेल

मीरजापुर। पखवारे भर पहले प्राथमिक विद्यालय शिउर के बच्चों को नमक-रोटी खिलाने के मामले में प्रशासन शुरू से ही विभागीय अधिकारियों की गर्दन बचाने में जुट गया है. पहले दिन प्रशासनिक अफसरों ने माना कि बच्चों को नमक-रोटी परोसा गया और दो शिक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई की गई. मामला तूल पकडऩे पर खुद को […]

मीरजापुर पखवारे भर पहले प्राथमिक विद्यालय शिउर के बच्चों को नमक-रोटी खिलाने के मामले में प्रशासन शुरू से ही विभागीय अधिकारियों की गर्दन बचाने में जुट गया है.

पहले दिन प्रशासनिक अफसरों ने माना कि बच्चों को नमक-रोटी परोसा गया और दो शिक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई की गई. मामला तूल पकडऩे पर खुद को बचाने में जुटे बीएसए का भी शासन स्तर से स्थानांतरण कर दिया गया और बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) निलंबित कर दिए गए. इस बीच हफ्तेभर बाद प्रशासन को सरकार की धूमिल हो रही छवि बचाने की याद आई तो उन्हें बच्चों के निवाले में भी साजिश नजर आने लगी. आनन-फानन प्रशासन ने घटना को कवरेज करने वाले एक पत्रकार व ग्राम प्रधान के कथित प्रतिनिधि पर रिपोर्ट दर्ज करा दी. प्रधान प्रतिनिधि की गिरफ्तारी भी हुई. हालांकि प्रशासन मानता है कि बच्चों को वास्तव में नमक-रोटी खिलाया गया था. स्कूल में मिड डे मील में रोटी के साथ न तो दाल बनाई गई थी और न ही सब्जी. बावजूद इसके अब प्रशासन पूरे मामले को नया मोड़ देने में लगा है.

यह है मामला

 जिले के प्राथमिक विद्यालय शिउर में काफी दिनों से बच्चों को मिड डे मील मानक के अनुरूप न देने की शिकायत की जाती रही, लेकिन विभागीय अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी. इसी बीच बीते 22 अगस्त को बच्चों को नमक-रोटी खिलाने का वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया. बीएसए प्रवीण तिवारी ने अपनी गर्दन बचाने के लिए आनन-फानन स्कूल के शिक्षक व एनपीआरसी को निलंबित कर इतिश्री कर ली. मामले के तूल पकडऩे पर एडीएम, सीडीओ व एसडीएम की टीम ने दूसरे दिन स्कूल पहुंच कर पूरे मामले की जांच की और शासन को रिपोर्ट भेज दी. जांच रिपोर्ट में प्रशासन ने माना कि बच्चों को नमक-रोटी खिलाया गया था.

चावल नमक भी खिलाया

यही नहीं, बच्चों ने बताया था कि एक दिन पहले भी चावल-नमक परोसा गया था. कई दिनों से मिड डे मील मानक के अनुरूप नहीं दिया जा रहा था. जांच अधिकारियों ने इसके लिए बीएसए व बीईओ को भी गंभीर लापरवाही बरतने का जिम्मेदार ठहराया. इस पर शासन स्तर से बीईओ को निलंबित कर दिया गया और बीएसए का स्थानांतरण कर प्रयागराज डायट से संबद्ध कर दिया गया.

यह सब कार्रवाई तो हुई लेकिन इसके बाद प्रशासनिक अफसरों को सरकार की छवि धूमिल होती नजर आने लगी. इसके बाद आनन-फानन बच्चों को नमक-रोटी खिलाने का वीडियो बनाने वाले पत्रकार व कथित प्रधान प्रतिनिधि पर भी साजिश करने का आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज करा दी गई. हालांकि डीएम अनुराग पटेल मानते हैं कि बच्चों को रोटी-नमक खिलाया गया था, लेकिन कथित प्रधान प्रतिनिधि ने पत्रकार को बुलाकर साजिशन वीडियो बनवाया. फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है, लेकिन अब प्रशासन मामले की लीपापोती में जुटा है.

बोले अधिकारी : मिड डे मील के तहत बच्चों को वास्तव में नमक-रोटी खिलाया गया था, लेकिन स्कूल के निकट दुकान पर सब्जी के लिए शिक्षक ने 300 रुपये जमा किया था. फिर भी सब्जी नहीं बनाई गई. प्रधान प्रतिनिधि ने साजिशन पत्रकार को बुलाकर नमक-रोटी खिलाने का वीडियो बनवाया है.

 – अनुराग पटेल, जिलाधिकारी मीरजापुर.

जिम्मेदार जांच दायरे से बाहर

मध्याह्न भोजन में नमक-रोटी प्रकरण में कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं. जिस अधिकारी पर मध्याह्न भोजन की जिम्मेदारी है, उस पर कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है. मध्याह्न भोजन प्राधिकरण निदेशक की चिटटी के बाद भी कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है. पूरे जिले में मध्याह्न भोजन का कन्वर्जन कास्ट जारी करने की जिम्मेदारी जिला समन्वयक रविंद्र मिश्र की है. रोटी-नमक प्रकरण के बाद निदेशक ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इनकी संविदा समाप्त करने की संस्तुति की लेकिन इन पर न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही मुकदमा ही दर्ज किया गया.  बुधवार को एक और वायरल वीडियो में स्कूल की एक महिला रसोइया ने यह स्वीकार किया कि नमक-रोटी से पहले चावल व नमक खिलाया गया था. उसने साफ कहा कि इस मामले में पत्रकार का दोष नहीं है और जब हमें सामान ही नहीं मिलेगा तो हम क्या बनाएंगे.

जांच के आधार पर डीएम ने दर्ज कराई रिपोर्ट : सतीश चंद्र द्विवेदी 

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ.सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि बच्चों को नमक-रोटी खिलाये जाने का मामला उजागर होने पर खंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित करने और बीएसए को हटाने का निर्देश दिया था. इसके पहले स्कूल के शिक्षक, संबंधित न्याय पंचायत रिसोर्स सेंटर के स्टाफ और रसोइये को निलंबित किया जा चुका था. एफआइआर दर्ज कराने का न तो उनकी और न ही बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कोई निर्देश दिया गया था. यह कार्रवाई मीरजापुर के डीएम के निर्देश पर हुई है. डीएम ने जांच के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी को एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था.

डीजीपी मुख्यालय ने मांगी रिपोर्ट

नमक-रोटी खिलाए जाने के मामले में वीडियो वायरल होने के बाद पत्रकार के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे का संज्ञान डीजीपी मुख्यालय ने लिया है. मुख्यालय ने मीरजापुर पुलिस से एफआइआर व उसमें अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है. आइजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि प्रकरण में स्थानीय पुलिस को निष्पक्ष विवेचना के निर्देश दिये गये हैं.

सरकार की छवि धूमिल करने पर कार्रवाई स्वाभाविक : भाजपा

भाजपा ने मीरजापुर मिड डे मील प्रकरण में प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवालों पर सरकार का बचाव किया है. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि अगर कोई सरकार की छवि धूमिल करने की नीयत से कार्य कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई स्वाभाविक है. जहां तक पत्रकार की भूमिका का सवाल है तो तथ्यों की जांच होनी चाहिए. पत्रकार पर कोई भी कार्रवाई बिना तथ्यों की पड़ताल किए नहीं होनी चाहिए.