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पीलीभीत में शारदा नदी से तेजी से भू-कटान शुरू, लोगों की मुसीबतें बढ़ीं

पीलीभीत। पीलीभीत में बाढ़ का पानी कम होते ही शारदा नदी ने तेजी से भू-कटान करना शुरू कर दिया है। शारदा ने तबाही मचाते हुये अब तक लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि को निगल लिया है।आलम ये है कि नदी ने भू-कटान करते हुये शारदा तट के पास बसे गांव राहुल नगर तक पहुंच जाने […]

पीलीभीत पीलीभीत में बाढ़ का पानी कम होते ही शारदा नदी ने तेजी से भू-कटान करना शुरू कर दिया है। शारदा ने तबाही मचाते हुये अब तक लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि को निगल लिया है।आलम ये है कि नदी ने भू-कटान करते हुये शारदा तट के पास बसे गांव राहुल नगर तक पहुंच जाने से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। भू-कटान को देखते हुये ग्रामीण गांव से दूसरे सुरक्षित स्थानों पर जा रहे है। भू-कटान की सूचना पर आनन-फानन में जिला प्रशासनिक अमले ने मौका मुआयना कर रात्रि कैंप कर भू-कटान को रोकने के लिये बचाव कार्य कराना षुरू कर दिये है।

बाढ़ का पानी कम होते ही शारदा नदी ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया है।शारदा नदी ने सप्ताह भर पहले तेजी से भू कटान शुरू कर दिया था। कटान करती हुई नदी गांव राहुल नगर की ओर बढ़ रही थी।नदी के कुछ दूरी पर गांव में स्थित कौषल्या देवी का घर नदी में समा गया था।शारदा तेजी से बढ़ रही नदी गांव के करीब 30 मीटर की दूरी पर रह गई है।शारदा नदी के कटान करते हुये गांव के समीप पहुुंचने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है।

गांव के बाहर की ओर बने तीन घरों के नदी में शीघ्र समा जाने की आशंका देखते हुये लोगों ने घर खाली कर दिये है। वही तेजी से हो रहे भूकटान को देखते हुये गांव के लोग घरो से सामान निकालकर अपने परिवार के साथ कही दूसरे सुरिक्षत स्थानों पर जा रहे है।शारदा के तेजी से भूकटान की सूचना से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।आनन-फानन में जिला प्रषासनिक अधिकारियों ने मौका मुआयना किया और रात्रि कैंप कर जनरेटर आदि की लाइट में बचाव कार्यो में तेजी लाकर भूकटान को रोकने का प्रयास किया। वही उच्चाधिकारियों का कहना है।भूकटान रोकने के लिये युद्ध स्तर पर बचाव कार्य किये जा रहे है।

बता दें कि हर साल शारदा नदी में आई बाढ़ से बड़ी तबाही होती है। बाढ़ कटान के बचान कार्यो के लिये प्रति वर्ष करोड़ों रूपया भी आवंटित किया जाता है।मगर बजट से बाढ़ कटान के कार्य तो महज दिखावा ही होता है।