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शुक्लागंज: गंगाघाट क्रासिंग के पास अल्ट्रा सोनिक मशीन से ट्रैक की होती जांच

शुक्लागंज, उन्नाव। कानपुर लखनऊ रेल रूट पर 4 अक्टूबर से तेजस ट्रेन का ट्रायल होना है। उसको लेकर रेलवे विभाग गंभीर दिख रहा है। तेजस के संचालन में कोई गड़बड़ी न आये इसके लिए बुधवार को लखनऊ कानपुर अप लाइन के ट्रैक की अल्ट्रा सोनिक मशीन से जांच कराई गई। जहां एक स्थान पर पटरी […]

शुक्लागंज, उन्नाव। कानपुर लखनऊ रेल रूट पर 4 अक्टूबर से तेजस ट्रेन का ट्रायल होना है। उसको लेकर रेलवे विभाग गंभीर दिख रहा है। तेजस के संचालन में कोई गड़बड़ी न आये इसके लिए बुधवार को लखनऊ कानपुर अप लाइन के ट्रैक की अल्ट्रा सोनिक मशीन से जांच कराई गई। जहां एक स्थान पर पटरी जर्जर मिली। उस स्थान को चिन्हित कर लाल निशान लगा दिया गया। पटरी जर्जर होने के कारण तीस का काॅसन लगाया गया है।

4 अक्टूबर को तेजस ट्रेन का ट्रायल होना है। जिसको लेकर बुधवार सुबह दस बजे लखनऊ से आए टीम के एसएसई वी के सिंह, अवर अभियंता संदीप कुमार, आशीष कुमार और ट्रैक मेंटेनर दीपक यादव की टीम ने लखनऊ कानपुर रेल रूट स्थित रेलवे पुल से मगरवारा तक अल्ट्रा सोनिक मशीन से ट्रैक की जांच की। छमकनाली पुलिया के पास ट्रैक जर्जर हालत में पाया गया। जिसके चलते तीस का काॅसन लगा दिया गया।

बुधवार को शताब्दी समेत कई एक्सप्रेस ट्रेनें काॅसन से गुजरी। वहां लाल निशान लगाकर रेल पथ विभाग को चेताया गया है। उस स्थान पर काॅसन लगा दिया गया। जिससे लखनऊ से कानपुर जाने वाली सभी ट्रेनंे काॅसन से गुजारी जा रही हैं। रेल पथ विभाग की माने तो गुरूवार सुबह से उस स्थान पर मरम्मत कार्य किया जायेगा। जरूरत पड़ी तो जर्जर रेल पटरी बदली जायेगी।

वहीं वर्ष 1993 में रेलवे पुल के अप लाइन के ट्रैक के जर्जर टर्फ बदले गए थे। 19 वर्षों में टर्फ जर्जर हालत में हो गया है। रेलवे पुल के कई स्थानांे पर टर्फ में बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे ट्रेनों के लिए खतरा बना हुआ है। वहीं वर्ष 2016 में डाउन लाइन के टर्फ बदले गए थे

Report By: Ankit Kushwaha