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सर जी, प्रार्थी का आज 20-08-2019 को 10 बजे देहांत हो गया, हाफ टाइम से अवकाश प्रदान करें

महोदय, सविनय निवेदन है कि प्रार्थी  का आज 20-08-2019 को 10 बजे देहांत हो गया है. महोदय से अनुरोध है कि प्रार्थी को हाफ टाइम से अवकाश प्रदान करने की कृपा करें. महान दया होगी. विश्वास नहीं हुआ ना, कि ऐसा प्रार्थना पत्र कौन लिखता है. जी हां एकदम सही पढ़ रहे है.  यह मामला […]

महोदय,

सविनय निवेदन है कि प्रार्थी  का आज 20-08-2019 को 10 बजे देहांत हो गया है. महोदय से अनुरोध है कि प्रार्थी को हाफ टाइम से अवकाश प्रदान करने की कृपा करें. महान दया होगी.

विश्वास नहीं हुआ ना, कि ऐसा प्रार्थना पत्र कौन लिखता है. जी हां एकदम सही पढ़ रहे है.  यह मामला कहीं और का नहीं. शहर कानपुर का है. 

कानपुर (Kanpur) में एक छात्र ने अपने प्रिंसिपल (Principal) की कार्यप्रणाली को उजागर करने के लिए एक अनोखा रास्ता अपनाया. उसने छुट्टी की एप्लीकेशन (Leave Application) में अपनी ही मृत्यु का हवाला देते हुए छुट्टी मांग ली. इतना ही नहीं उसे छुट्टी मिल भी गई. अब उसकी यह एप्लीकेशन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. घटना 20 अगस्त की है.

मामला कानपुर शहर के जीटी रोड स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल का है. यहां कक्षा आठ के एक छात्र ने आधे दिन की छुट्टी के लिए खुद के देहांत का ही हवाला दे दिया. इतना ही नहीं लापरवाही की हद तो तब देखने को मिली जब प्रिंसिपल ने भी बिना पढ़े उसे छुट्टी दे भी दी.

इस प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए प्रिसिपल ने छात्र को छुट्टी भी दे दी. इसके बाद छात्र घर चला गया. कुछ दिन तक वह इस प्रार्थना पत्र को दबाए रखा. बाद में जब उसने अपने दोस्तों को दिखाया तो यह मामला सामने आया. छात्र का आवेदन अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

मामला शिक्षकों के पास भी पहुंचा. जिसके बाद स्कूल प्रबंधन से मामले की शिकायत की गई है. हालांकि इस मामले में स्कूल प्रबंधन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. हालांकि कुछ शिक्षकों का कहना है कि छात्र ने प्रिंसिपल की सहजता का फायदा उठाया है. दरअसल प्रिंसिपल काफी सरल और सहज हैं. वो छात्र से मौखिक ही पूछकर प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर कर देते हैं.