Latest News Weekly lockdown: यूपी में संडे को वीकली लॉकडाउन, कोरोना पर योगी के 10 बड़े निर्देश घर जाने का इंतजार कर रहे प्रवासियों के लिए राहत भरी की खबर… ये हैं देश के सबसे प्रतिष्ठित साइबर वॉरियर, जानें CQ-100 में कौन-कौन हैं शामिल योगी सरकार का ‘आगरा मॉडल’ हुआ ध्वस्त,मेरठ और कानपुर भी आगरा बनने की राह पर: अजय कुमार लल्लू बाबा साहेब के संविधान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं : अजय कुमार लल्लू
Home / यूपी में चप्पा-चप्पा पर चौकसी, हाईअलर्ट पर हैं प्रदेश

यूपी में चप्पा-चप्पा पर चौकसी, हाईअलर्ट पर हैं प्रदेश

लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान बीते दिसंबर में उत्तर प्रदेश में हिंसा के बाद शांति के बाद एक बार फिर माहौल खराब होने की आशंका है। सीएए के विरोध में दिल्ली में हिंसा के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज पर प्रदेश में पुलिस आज हाई अलर्ट पर है। दिल्ली से […]

लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान बीते दिसंबर में उत्तर प्रदेश में हिंसा के बाद शांति के बाद एक बार फिर माहौल खराब होने की आशंका है। सीएए के विरोध में दिल्ली में हिंसा के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज पर प्रदेश में पुलिस आज हाई अलर्ट पर है। दिल्ली से सटे जिलों में विशेष सतर्कता है जबकि अन्य जगहों पर भी फोर्स काफी मुस्तैद है।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान प्रदेश में हुई हिंसक घटनाओं में लगातार कार्रवाई कर रही पुलिस के सामने आज एक बार फिर सुरक्षा-व्यवस्था बड़ी चुनौती होगी। दिल्ली में हुई हिंसा की चिंगारी उत्तर प्रदेश में न फैले इसे लेकर सभी संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर पुलिस हाई अलर्ट मोड में है। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने एडीजी, आइजी व डीआइजी स्तर के कई अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी उन जिलों में कैंप कर रहे हैं।

एडीजी अविनाश चंद्र को अलीगढ़, एडीजी प्रशांत कुमार को मेरठ, आइजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी को गाजियाबाद, आइजी रमित शर्मा को संभल, आइजी ज्योति नारायण को बुलंदशहर व हापुड़, आइजी लक्ष्मी सिंह को मुजफ्फरनगर व डीआइजी जे.रविंद्र गौड को बिजनौर की मॉनीटरिंग तथा कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है

प्रदेश में दिल्ली की सीमा से सटे जिलों के अलावा उन स्थानों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है, जहां पहले भी सीएए के विरोध में हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं। गाजियाबाद, नोएडा, बागपत व बुलंदशहर के अलावा लखनऊ, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, रामपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, आजमगढ़, मऊ, कानपुर नगर, संभल, बरेली समेत 22 से अधिक जिलों में खुफिया तंत्र की सक्रियता भी बढ़ा दी गई है। प्रदेश में 20 व 21 दिसंबर 2019 को हुई हिंसा की घटनाओं के बाद चिह्नित उनसभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस व पीएसी की तैनाती के निर्देश हैं।